अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स (एनवाईटी) का दावा है कि 2013 में ‘फादर ऑफ एंड्रॉइड’ एंडी रूबीन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था। इसके बावजूद गूगल ने एंडी को बचाया और एग्जिट प्लान के तहत 9 करोड़ डॉलर (660 करोड़ रुपए) भी दिए। एनवाईटी ने कोर्ट में दर्ज शिकायत और इंटरव्यू के आधार पर बताया कि एंडी रूबीन उन तीन वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल हैं, जिन पर पिछले दशक में यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगे।
किसी भी आरोपी कर्मचारी को एग्जिट पैकेज नहीं दिया : पिचाई
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा, ‘‘हमने दो साल में यौन उत्पीड़न के आरोपी 48 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है। इनमें 13 वरिष्ठ अफसर भी शामिल हैं। साथ ही, किसी भी आरोपी कर्मचारी को एग्जिट पैकेज नहीं दिया गया। एनवाईटी की रिपोर्ट में एंडी रूबीन या किसी अन्य अधिकारी का नाम स्पष्ट रूप से नहीं दिया गया है।’’
पिचाई ने अपने कर्मचारियों को भेजे ईमेल में लिखा, ‘‘पिछले कुछ सालों में हमने कई बदलाव किए हैं। इसमें गलत व्यवहार करने वालों के लिए सख्ती से पेश आना भी शामिल है। हम सुरक्षित वर्कप्लेस उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हम आश्वस्त करना चाहते हैं कि यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार की हर एक शिकायत का रिव्यू किया जाता है। हम हर मामले की जांच करने के बाद ही कार्रवाई करते हैं।’’
रूबीन के प्रवक्ता सैम सिंगर ने एनवाईटी के दावे को खारिज करते हुए कहा, ‘‘तकनीक विशेषज्ञ एंडी रूबीन ने अपनी मर्जी से गूगल को छोड़ा है। वे अब नई कंपनी शुरू करना चाहते हैं। एनवाईटी की रिपोर्ट में कई खामियां हैं। रूबीन का कहना है कि उन्होंने होटल के कमरे में किसी भी महिला को यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर नहीं किया। ये झूठे आरोप रूबीन की पूर्व पत्नी ने तलाक के केस के दौरान उन्हें बदनाम करने के लिए लगाए थे।’’
तन भगत और रजत कपूर ने खुद पर लगे आरोपों के लिए माफी मांगी है। वहीं, एआईबी ने तन्मय, गुरसिमरन और उत्सव को टीम से बाहर कर दिया। आलोक नाथ ने खुद पर लगे आरोप पर ही सवाल उठाए हैं।
भारत में यौन उत्पीड़न बड़ा मुद्दा, पर लैंगिक समानता नहीं
भारत में महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न को बड़ा मुद्दा माना जाता है। इसे देखते हुए सरकार ने कई कानून लागू किए हैं। वहीं, वर्कप्लेस पर माहौल बेहतर करने के मकसद से मल्टीनेशनल कंपनियों में कायदे-कानून बनाए।
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